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DGCA ड्रोन नियम 2026: सर्वेक्षकों के लिए अनुपालन गाइड

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12 Jan 2026 Trishunya Team
DGCA ड्रोन नियम 2026: सर्वेक्षकों के लिए अनुपालन गाइड
ड्रोन सर्वेइंग · कम्प्लायंस गाइड

DGCA ड्रोन नियम 2026: सर्वे टीमों के लिए संपूर्ण अनुपालन गाइड

📅 12 Jan 2026 ⏱ 3 मिनट पठन 🏷 Drone Survey TI त्रिशून्या इंडिया

हमारी जानकारी में एक सर्वे टीम की उड़ान प्रोजेक्ट के बीच में इसलिए रोक दी गई क्योंकि अनुमति के नवीनीकरण की समयसीमा समाप्त हो गई थी और किसी का ध्यान नहीं गया। क्लाइंट को सिर्फ कागजी कार्रवाई के इंतजार में दो महत्वपूर्ण दिन गंवाने पड़े, जिसे ड्रोन केस से बाहर निकालने से पहले ही सुलझाया जा सकता था। कानूनी अनुपालन ड्रोन सर्वे का सबसे रोमांचक हिस्सा नहीं है, लेकिन यही तय करता है कि आपका प्रोजेक्ट समय पर पूरा होगा या नहीं।

DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) भारत में वाणिज्यिक ड्रोन संचालन को ड्रोन वर्गीकरण, पायलट लाइसेंसिंग और एयरस्पेस जोनिंग के ढांचे के तहत नियंत्रित करता है। सर्वे टीमों के लिए नियमों का पालन करना कोई वैकल्पिक कागजी कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह उड़ानों को वैध, बीमाकृत और कानूनी रूप से सुरक्षित बनाए रखता है।

DGCA ड्रोन नियम 2026 भारत में सर्वे संचालन के लिए अनुपालन गाइड
ड्रोन सर्वे में कानूनी अनुपालन उड़ान से नहीं, बल्कि रजिस्ट्रेशन और एयरस्पेस क्लीयरेंस से शुरू होता है।
3
एयरस्पेस जोन श्रेणियां जिनकी उड़ान से पहले जांच जरूरी है
1
यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) प्रति ड्रोन अनिवार्य
1
रिमोट पायलट सर्टिफिकेट प्रति कमर्शियल पायलट अनिवार्य

कानूनी अनुपालन के चार मुख्य आधार

पंजीकरण

यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN)

वाणिज्यिक सर्वे में इस्तेमाल होने वाले प्रत्येक ड्रोन के पास डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म से जारी वैध UIN होना अनिवार्य है।

लाइसेंसिंग

रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC)

कमर्शियल ड्रोन पायलटों के पास DGCA द्वारा मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान (RPTO) से जारी वैध पायलट सर्टिफिकेट होना चाहिए।

एयरस्पेस

जोन वर्गीकरण की जांच

प्रत्येक सर्वे साइट ग्रीन, येलो या रेड जोन में आती है, और प्रत्येक जोन के लिए टेकऑफ से पहले अलग-अलग नियम लागू होते हैं।

उड़ान अनुमति

डिजिटल स्काई ऑथराइजेशन

येलो या रेड जोन में सर्वे उड़ान के लिए डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूर्व अनुमति लेना कानूनी रूप से आवश्यक है।

एयरस्पेस जोन का विस्तृत विवरण

जोनइसका क्या अर्थ हैसर्वे टीम के लिए आवश्यक कदम
ग्रीन जोन (Green Zone)निर्धारित ऊंचाई तक अप्रतिबंधित हवाई क्षेत्रमानक सर्वे उड़ान, आमतौर पर किसी विशेष पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं
येलो जोन (Yellow Zone)नियंत्रित हवाई क्षेत्र जहां पूर्व अनुमति अनिवार्य हैउड़ान से पहले डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर परमिशन का आवेदन करें
रेड जोन (Red Zone)प्रतिबंधित या नो-फ्लाई हवाई क्षेत्रउड़ान पूरी तरह प्रतिबंधित, केवल विशेष सरकारी क्लीयरेंस पर ही संभव

हवाई अड्डों, रक्षा प्रतिष्ठानों और संवेदनशील सरकारी भवनों के पास एयरस्पेस जोन की सीमाएं अप्रत्याशित हो सकती हैं। उड़ान की योजना बनाने से पहले केवल जिले के स्तर पर नहीं, बल्कि सटीक कोऑर्डिनेट्स डालकर डिजिटल स्काई मैप की जांच करें।

सर्वे टीमों द्वारा की जाने वाली सामान्य अनुपालन गलतियां

अधिकांश समस्याएं जानबूझकर किए गए उल्लंघन नहीं होतीं, बल्कि प्रशासनिक चूक होती हैं: जैसे समाप्त हो चुका पायलट सर्टिफिकेट, किसी बदले हुए बैकअप ड्रोन का पुराना UIN, या गलत तारीखों के लिए ली गई अनुमति। इनमें से कोई भी चूक प्रोजेक्ट को बीच में रोक सकती है, और मोबिलाइजेशन के बाद ऐसी देरी क्लाइंट के लिए भारी नुकसान का कारण बनती है।

नियमों के उल्लंघन से विफलताएं बहुत कम होती हैं। अधिकांश विफलताएं यह मान लेने से होती हैं कि पिछले महीने की कागजी कार्रवाई आज भी वैध है।

यह प्रोजेक्ट प्लानिंग और समयसीमा को कैसे प्रभावित करता है

साइट पर जाने से पहले अनुपालन जांच को प्रोजेक्ट टाइमलाइन का अनिवार्य हिस्सा बनाना ही ड्रोन सर्वे प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा रखता है। यह निर्माण समयसीमा से पहले टोपोग्राफिक मैपिंग जैसे समय-संवेदनशील कार्यों में सबसे ज्यादा मायने रखता है, जहां रुकी हुई उड़ान भारी वित्तीय नुकसान कराती है।

⚠️

कभी यह न मानें कि किसी साइट पर पिछली उड़ान की अनुमति नई तारीख के लिए भी वैध रहेगी। डिजिटल स्काई अनुमतियां निश्चित तिथियों से बंधी होती हैं और उन्हें हर नए मिशन के लिए रिन्यू करना आवश्यक है।

क्या आप ड्रोन सर्वे की योजना बना रहे हैं और एयरस्पेस क्लीयरेंस को लेकर अनिश्चित हैं?

हम हर प्रोजेक्ट में DGCA अनुपालन और अनुमति जांच को मानक के रूप में संभालते हैं, ताकि आपका काम बिना रुकावट पूरा हो।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

UIN (Unique Identification Number) डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म द्वारा जारी एक अनिवार्य रजिस्ट्रेशन नंबर है, जो भारत में सभी कमर्शियल ड्रोन के लिए आवश्यक है।

जी हां, कमर्शियल उड़ानों के लिए पायलट के पास DGCA द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से जारी रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) होना अनिवार्य है।

हवाई क्षेत्र को ग्रीन जोन (बिना अनुमति), येलो जोन (पूर्व अनुमति आवश्यक) और रेड जोन (प्रतिबंधित) में वर्गीकृत किया गया है।

डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर अपनी साइट के सटीक अक्षांश और देशांतर (GPS Coordinates) डालकर जोन की सही स्थिति जांची जा सकती है।

बिल्कुल नहीं। येलो जोन में उड़ान भरने से पहले डिजिटल स्काई से विधिवत अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है।

बिना रजिस्ट्रेशन ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है, जिससे भारी जुर्माना हो सकता है और उड़ान का बीमा अमान्य हो जाता है।

जी हां, डिजिटल स्काई की अनुमतियां विशिष्ट तिथियों और स्थानों के लिए होती हैं, इसलिए नए मिशन के लिए नई अनुमति आवश्यक है।

हां, हवाई अड्डों और रक्षा ठिकानों के आसपास का क्षेत्र रेड जोन या कड़े येलो जोन के अंतर्गत आता है जहां सख्त नियम लागू होते हैं।

ड्रोन संचालित करने वाली सर्वे एजेंसी की जिम्मेदारी रजिस्ट्रेशन, पायलट लाइसेंस और एयरस्पेस अनुमति सुनिश्चित करने की होती है।

हां, अनुमति में देरी होने से फील्ड वर्क रुक सकता है, इसलिए मोबिलाइजेशन से पहले ही अनुमति की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

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